भारतीय मूल की मिस इंग्लैंड बनी भाषा मुखर्जी, जानिए क्या है खूबी | Bhasha Mukherjee Miss England

भारतीय मूल के लोगों का देश को गौरान्वित करने का सिलसिला जारी है। भारतीय मूल की 23 वर्षीय डॉक्टर ने मिस इंग्लैंड के खिताब को अपने नाम किया। इस दौड़ में दर्जनों मॉडल थीं, लेकिन आखिरकार ताज उनके सिर पर सजा।
डेली मेल के अनुसार, 23 वर्षीय भाषा मुखर्जी के पास मेडिकल की दो अलग-अलग डिग्रियां हैं और उनका आईक्यू लेवल 146 है जो उन्हें जीनियस साबित करता है। नौ साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ भारत से लंदन गईं भाषा मुखर्जी इस समय 23 साल की हैं। इंग्लैंड के पूर्व-मध्य क्षेत्र में स्थित डरबी की रहने वाली भाषा ने गुरुवार की रात उत्तर-पूर्वी इंग्लैंड में न्यूकासल अपॉन टाइन में मिस इंग्लैंड का खिताब जीतने के कुछ घंटे बाद ही लिंकनशायर, बॉस्टन के पिलग्रिम अस्पताल में नई नौकरी शुरू की है।
भाषा ने नॉटिंघम विश्वविद्यालय से मेडिसिन और सर्जरी में स्नातक की डिग्री ली है। इसके अलावा वह पांच भाषाएं बोल सकती हैं। मिस इंग्लैंड प्रतियोगिता के निदेशक एंजी बीजली ने कहा, ‘भाषा बहुत मेहनती हैं और कई संस्कृतियों के घर इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए आदर्श उम्मीदवार हैं।’
उन्होंने कहा, ‘भाषा को सेलेब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट जॉगी कांग ने प्रायोजित किया था और उन्होंने डिजाइनर पुनीत ब्रांडाओ का तैयार किया हुआ रोजगोल्ड रंग का गाउन पहना था।’ विजेता को 30 हजार ब्रिटिश पाउंड यानी लगभग 25 लाख रुपये कीमत के उपहार मिलते हैं। इसमें मॉरीशस की एक लग्जरी यात्रा भी शामिल है।
मुखर्जी अंग्रेजी और हिंदी के साथ बांग्ला, जर्मन और फ्रेंच भाषा बोल सकती हैं। मुखर्जी कहती हैं कि इस साल अपना मेडिकल फाइनल पूरा करने और मिस इंग्लैंड प्रतियोगिता के बीच संतुलन बनाना काफी कठिन था।
टैलेंट राउंड में किया भारतीय शैली का नृत्य
भाषा ने कहा, ‘मैं दक्षिण-एशियाई समुदाय, अल्पसंख्यक समुदाय और डरबी का प्रतिनिधित्व कर बहुत गर्व महसूस कर रही हूं।’ टैलेंट राउंड के दौरान भाषा ने भारतीय शैली में नृत्य प्रस्तुत किया था। वह साल 2013 से एक जेनरेशन ब्रिज प्रोजेक्ट के नाम से चैरिटी भी कर रही हैं। यह प्रोजेक्ट डरबी में फन डेज और टैलेंट शो का आयोजन कराने में सहायता करता है।