कोई पहली बार नहीं है टीम इंडिया की जर्सी में भगवा रंग

इग्लैंड के साथ वर्ल्ड कप मैच में उतरने जा रही टीम इंडिया इस मैच में नीली जर्सी की बजाय भगवा रंग की जर्सी में नज़र आयेगी. इसको लेकर विवाद भी शुरू हो गया है. कांग्रेस और सम्जावादी पार्टी के नेताओं ने जर्सी के इस रंग का विरोध करना शुरू कर दिया. जो कि अब एक बड़ी जिरह का रूप ले चुका है. लेकिन ऐसा नहीं है कि ऐसा पहली बार होगा कि जर्सी में भगवा रंग नज़र आयेगा बल्कि ऐसा पहले भी हो चुका है.
दरअसल नियम ये है कि जब दो टीमें मैंदान में हों और उनकी जर्सी का रंग एक सा हो तो एक टीम की जर्सी को एक अलग पहचान का नियम है. इग्लैंड और भारत दोनों की जर्सी का रंग नीला है ऐसे में मेहमान टीम को अपनी जर्सी की अलग पहचान करनी थी. आईसीसी ने बीसीसीआई को रंग चयन करने को कहा था, इसमें बीसीसीआइ ने ओरेंज रंग का चयन किया. इसी को लेकर विवाद शुरू हो गया. विपक्ष के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि जर्सी को भगवा रंग से जोड़ कर भाजपा का एजेंडा लागू करने की कोशिश की जा रही है. जबकि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. इससे पहले भी भारत की टीम में भगवा रंग नज़र आ चुका है. 1997 के श्रीलंका की दौरे में भी टीम इंडिया की जर्सी में भगवा रंग शामिल था. इसी तरह शारजाह में 1998 में भारतीय टीम के रंग में भगवा शामिल था. हालांकि इस जर्सी भारतीय तिरंगे का का रंग शामिल था. हालांकि ये बेवजह का विवाद खड़ा किया गया है.