ऑस्ट्रेलिया में भी है एक लखनऊ | History OF Lucknow In Australia

 

नवल कान्त सिन्हा
क्या आपको पता है एक लखनऊ ऑस्ट्रेलिया में भी है… वैसे तो शायद ही कोई भारतीय होगा जो कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ को नही जानता होगा लेकिन बहुत ही कम लोगों को ऑस्ट्रेलिया के लखनऊ के बारे में पता होगा…
मात्र दो सौ की आबादी वाले इस कस्बे की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है… यह कस्बा सिडनी से 245 किलोमीटर दूर ऑरेंज शहर के पास है। हालांकि आधिकारिक रूप से इस बात की जानकारी नही है कि इस कस्बे का नाम लखनऊ कैसे पड़ा… लेकिन डेढ़ सौ साल पुराने इस कस्बे को लेकर कई तरह की कहानियां बताई जाती हैं… अप्रैल 1852 में ऑस्ट्रेलिया की पहली स्वर्ण खनन कंपनी वेंटवर्थ गोल्ड फील्ड कंपनी ने इस इलाके को खरीदा। उसने 1862 में धन बढ़ाने के उद्देश्य से इस इलाके को लोगों को लीज़ पर देना शुरू किया।
एक साल के अंदर ही यहां दो सौ लोग रहने लगे। फिर यहां के लोगों ने 1863 पोस्ट ऑफिस की मांग की तो सवाल उठा कि इस इलाके का क्या नाम हो। फिर इस कस्बे का नाम लखनऊ तय किया। एक लेखक कॅरिन कुक ने अपनी किताब ‘लखनऊ : अ वेरिटेबल गोल्डमाइन’ में लिखा कि इस कस्बे का नाम भारत में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कनेक्शन के चलते रखा गया। कुक के अनुसार अंग्रेज उस समय जैसे भारत में खनन कर रहे थे, वैसे ही ऑस्ट्रेलिया का शोषण भी हो रहा था। यही भारत के लखनऊ में 1857 के विद्रोह का कारण बना। यही समानता ही इस कस्बे के लखनऊ नाम रखे जाने का कारण बनी।
एक दूसरी कहानी के अनुसार इस कस्बे का नाम लखनऊ खनन कंपनी के एक क्लर्क रे ने तय किया था। वो भारत के लखनऊ में 1857 की क्रांति में घायल हुआ था। यही इस इलाके में पोस्टऑफिस की मांग का संयोजक था। यह संभव भी लग रहा है क्योंकि 1857 की क्रांति के केवल 6 साल बाद इस कस्बे का नाम रखा गया। हो सकता है कि भारत के लखनऊ की ग़दर के बाद बहुत से लोग यहां आकर बस गए हों। एक अन्य धारणा लक और नाओ यानी वर्तमान की किस्मत को लेकर है। हो सकता है कि इन दो शब्दों से कस्बे का नाम रखा गया हो। क्योंकि सोने के खनन ने इस इलाके की उस समय किस्मत चमका दी थी। हालांकि सोने का खनन अब बीते दिनों की बात है। अब यहां की पहचान किसान और खेती है।